Tuesday, 28 July 2015

विक्रम राव निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित

नई दिल्ली। इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस (IFWJ) ने कामरेड के॰ विक्रम राव को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया। का॰ के विक्रम राव पूर्व में टाइम्स ऑफ  इंडिया, मुम्बई में कार्यरत थे। सत्र का कार्यकाल 2016-18 तक का है। 

आईएफडब्ल्यूजे के सचिव राम पी॰ यादव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार फेडरेशन के केंद्रीय निर्वाचन अधिकारी डॉ देबाशीष बोस (बिहार) और सहायक निर्वाचन आधिकारी डॉ उपेन्द्र पाधी (ओडिशा), ने नामांकन पत्रों की जांच के पश्चात यह घोषणा की कि आईएफडब्ल्यूजे के 25 इकाईयों में से 18 राज्य इकाईयों ने का॰ के॰ विक्रम राव के पक्ष में प्रस्तावना एवं अनुमोदन किया था, जिसमें से मुख्य रूप से जम्मू एण्ड कश्मीर, मणिपुर, तमिलनाडू हैं। 

डा॰ बोस ने बताया कि राष्ट्रीय पार्षदों के चुनाव के प्रकिया शुरू हो गई है। यह अक्टूबर तक संपन्न हो जायेगी। 
यह नव निर्वाचित राष्ट्रीय परिषद इस वर्ष के अंत में बैंगलोर के अधिवेशन में राष्ट्रीय पार्षदों का निर्वाचन करेगी।


K. Vikram Rao re-elected

New Delhi. The Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) today re-elected unopposed Mr. K. Vikram Rao, formerly of the Times of India, Mumbai, as its president for year 2016-18. 

The IFWJ Central Returning Officer,  Dr. Debashish Bose of Bihar, and the ACRO, Dr. Upendra Padhi of Orissa, announced here after the scrutiny of presidential nominations that out of a total of 25 constituent union, 18(eighteen) states had filed Mr. Vikram Rao’s nomination papers. It included Manipur, Kerala, Jammu & Kashmir, Delhi, Maharashtra, Tamilnadu and Bihar among others. 

The CROs said that the process of elections of 250 National Councilors had begun and the nationwide poll process will be completed by October. The new Working Committee will be elected by these National Councillors at the 30th Plenary Session in Bangalore by this year-end.

Monday, 27 July 2015

हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-8E, Form_C हिंदी में, जानिए कैसे भरें...





साथियों,

हम आपको हिंदी में प्रपत्र-सी उपलब्‍ध करवा रहे हैं। यह प्रपत्र-सी दिल्‍ली सरकार ने जारी किया है और इसे दैनिक जागरण, नोएडा के साथी भी भर रहे हैं। आप भी चाहें तो इसे भर कर जमा करवा सकते हैं। एक डमी भी आपको उपलब्‍ध करवाई जा रही है। इसे भरते हुए इस बात का विशेष ध्‍यान रखें कि हर कर्मी की व्‍यक्तिगत जानकारी अलग-अलग होती है।

इसलिए डमी फार्म को ध्‍यान से देखें और इसमें भरी हुई जानकारी आपके अनुसार नहीं है। तो उसमें बदलाव करें।

हम नीचे इसे भरने का तरीका बता रहे हैं। हर साथी इसे अपनी व्‍यक्तिगत जानकारी के अनुसार ही भरें। यह केवल आपकी सहायता के लिए है, न कि इसमें आपसे संबंधित पूरी जानकारी है।

संस्‍थान का नाम: यहां अपने संस्‍थान का नाम, यूनिट जहां पर आप कार्य कर रहे हैं। जिला और प्रदेश का नाम भरें।

कर्मचारी का नाम: यहां अपना नाम भरें।
पिता का नाम: यहां अपने पिताजी का नाम भरें।

किस पद पर ज्‍वाइनिंग किया: वर्तमान संस्‍थान में किस पद पर आपकी नियुक्‍ति हुई थी भरें।

वर्तमान पद: अभी आप किस पद पर नियुक्‍त हैं भरें।

जो साथी इस्‍तीफा दे चुके हैं वे अपने अंतिम पद के साथ इस्‍तीफा लिखते हुए इस्‍तीफे की भी तिथि लिखें।

विभाग: अपना विभाग भरें।

नं: यदि आपको कंपनी ने कोई कर्मचारी कोड या नंबर दे रखा हो तो उसे भरें।

ज्‍वाइनिंग की तारीख: इसमें अपनी नियुक्ति यानि जिस दिन आप संस्‍थान में आए थे कि तारीख भरें। नाकि स्‍थायी होने वाले दिन की।

(उदाहरण- अमर गुप्‍ता 1 जुलाई 2010 को कंपनी में भर्ती हुआ था। परंतु उसकी स्‍थायी नियुक्ति 1 जनवरी 2014 को हुई थी। ऐसे में वह ज्‍वा‍इनिंग की तारीख में 1 जुलाई 2010 ही भरेगा।)



अब आगे नंबरों के अनुसार उसको भरें-


1: स्‍थायी, अनुबंधित और अंशकालिक अपनी नियुक्ति के अनुसार भरें।

2: जिन संस्‍थानों में मजीठिया की सिफारिशें लागू नहीं हुई हैं वे भरें- नहीं।

जहां पूरी तरह से लागू नहीं हुई हैं। वहां के साथी भरें- लागू हुई हैं, परंतु आधी-अधूरी।
(यहां ध्‍यान दें कि आज की तिथि में अमर उजाला सेबी में जमा करवाई अपनी वित्‍तीय रिपोर्ट के अनुसार ग्रेड बी में आ रहा है।)

3: इसको अपने अनुसार भरें।

4: इसको अपने अनुसार भरें।

5: इसको अपने अनुसार भरें।

6: जहां मजीठिया लागू नहीं किया गया है वहां के साथी भरें- नहीं।

जहां मजीठिया लागू किया गया है वहां के साथी भरें- इसके बारे में संस्‍थान ने स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं दी है।

7: जहां मजीठिया लागू नहीं किया गया है वहां के साथी भरें- पता नहीं।

जहां मजीठिया लागू किया गया है वहां के साथी भरें- इसके बारे में संस्‍थान ने स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं दी है।

8: जहां मजीठिया लागू नहीं किया गया है वहां के साथी भरें- नहीं।

अन्‍य साथी इसको भरने से पहले अपनी सैलरी स्लिप देखें। पीएफ की गणना का तरीका है - (Total Basic Pay+VP) + DA*12%

9: इसको अपने अनुसार भरें।

10: जिन्‍होंने डीएलसी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कहीं भी केस नहीं किया हैं वे भरें- नहीं।

जिन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में केस किया हैं वे भरें- सुप्रीम कोर्ट में अवमानना को वाद दायर किया है।

अन्‍य साथी जो विभिन्‍न अदालतों में गए हैं अपने अनुसार भरें।

(अदालत के मामले में वाद [केस] का नंबर भी लिखें।)


11: यदि ऐसा कुछ हुआ तो भरें- हां। कई कर्मियों का स्‍थानांतरण व निलंबन किया गया। और कई कर्मियों को बेवजह नोटिस थमाए गए।

12: अपने अनुसार भरें।

13: अपने अनुसार भरें।

14: अपने अनुसार भरें।

15: अपने अनुसार भरें।

16: अपने अनुसार भरें।

दिनांक भरें और अपने हस्‍ताक्षर करें।

नोट- इसकी दो कापी भरें और जिला श्रम कार्यालय में जमा करवाए। इसकी एक कापी अपने पास रखें, जिसपर सक्षम अधिकारी के तिथि के साथ हस्‍ताक्षर और मोहर लगी हुई हो।

दैनिक जागरण,  नोएडा के सभी स्‍थायी, अनुबंध और अंशकालिक कर्मी इसे भर रहे हैं। आप भी इसे जल्‍द ही भरकर जमा करवाएं। बाद में पछताने के अलावा कुछ नहीं रह जाएगा।  

हिंदी के प्रपत्र-सी को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/ZY2bjq

डमी फार्म को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/ZHFD4o

यदि आप इनको डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं तो हमें मेल करें। हम आपकी पहचान गुप्‍त रखेंगे।

यदि हमसे जानकारी देने में कोई गलती रह गई हो तो सूचित अवश्‍य करें।

आपको अब भी इसे भरने में कोई दिक्‍कत आ रही हो तो आप इनसे संपर्क कर सकते हैं।

RP Yadav ji (ifwj) - 09810623949
rpyadav56@gmail.com

Vinod Kohli ji  – 09815551892
President, Chandigarh-Punjab Union of Journalists (CPUJ)
Indian Journalists Union
kohlichd@gmail.com

रविंद्र अग्रवाल जी - 9816103265

ravi76agg@gmail.com 


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Sunday, 26 July 2015

हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-8D, जागरण कर्मी ने दिखाई उदारता, प्रबंधन ने थमाया नोटिस

जागरण कर्मियों की एकजुटता से घबराया हुआ प्रबंधन कितनी गिरी हुई हरकत कर सकता है। इसका एक सटीक उदाहरण हाल ही में सामने आया है।

दैनिक जागरण ने दिल्‍ली यूनिट की रजत जयंती के अवसर पर 17 जुलाई की शाम को संस्‍थान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। प्रबंधन के रवैये से नाराज ज्‍यादातर कर्मियों ने इस कार्यक्रम का स्‍वेच्‍छा से बहिष्‍कार किया था। तब प्रबंधन ने आननफानन में 25 साल पूरा कर चुके कर्मियों को 1100 रुपये से सम्‍मानित करने की घोषणा की। जिसे लेने के लिए भी कर्मी नहीं गए।

इसके अगले दिन इस पुरस्‍कार राशि को बांटने की जिम्‍मेदारी लेखा विभाग को सौंप दी गई।

जागरण के एक साथी जिन्‍हें यह राशि मिलनी थी ने लेखा विभाग के अधिकारी से फोन पर बातचीत के दौरान इसका सद्पयोग लंबे समय से टूटी ही टायलेट शीट को ठीक करवाने के लिए कर दिया। उनके इस अनुरोध को अभद्र व्‍यवहार मानते हुए पसर्नल विभाग ने नोटिस जारी कर दिया।

जागरण कर्मियों का कहना है कि यहां का शौचालय और उसकी कैंटीन ही बयां कर दे देती है कि प्रबंधन उनका कितना ध्‍यान रखता है।


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हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-8C, जागरण कर्मी भर रहे प्रपत्र-सी, आप क्‍यों रहें पीछे

साथियों, दैनिक जागरण नोएडा के सैकड़ों साथियों (स्‍थायी, अनुबंधकर्मी और अंशकालिक संवाददाताओं) ने प्रपत्र-सी को भर लिया है और जो रह गए हैं वह भी इन्‍हें जल्‍द ही भर लेंगे।

ऐसे में आप पीछे क्‍यों रह रहे हैं यदि आप के पास प्रपत्र-सी नहीं है तो जल्‍द इसे साइट से डाउनलोड कर लें। नहीं तो जागरण के साथियों से संपर्क करें वे आपकी मदद करेंगे। यदि आप जागरण छोड़ने के बाद किसी अन्‍य संस्‍थान में कार्य कर रहे हैं तो भी प्रपत्र-सी को भरने के लिए अपने पुराने सहयोगियों से संपर्क करें।

ऐसी सूचना है कि जागरण पानीपत के कुछ साथियों ने हाल ही में प्रबंधन के धमकाने में आकर सुप्रीम कोर्ट से केस वापस लेने के लिए affidavit पर हस्‍ताक्षर कर दिए हैं। ऐसी भी सूचना है कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ प्रबंधन के मुंह लगे कर्मी भी शामिल हैं जिन्‍हें मोटे लाभ का लालच दिया गया है।

जागरण हो या भास्‍कर हो या राजस्‍थान पत्रिका... सभी का प्रबंधन इस तरह के प्रपंच रच रहा है।

साथियों, 1955 अधिनियम की धारा 13 में स्‍पष्‍ट है कि सभी कर्मियों को वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार बनने वाले वेतनमान से किसी भी दशा में कम वेतन नहीं मिलना चाहिए। इसलिए यदि किसी भी संस्‍थान ने आप से जबरदस्‍ती या धोखे से हस्‍ताक्षर करवाएं हैं, तो भी आप प्रपत्र-तीन भरें। यह आपका कानून द्वारा दिया गया हक है। जिस पर समाचारपत्र के मालिक डाका नहीं डाल सकते।

नोट- आप प्रपत्र-सी भरने के साथ ही जल्‍द ही अपने वकील से मिलकर इस धोखाधड़ी और जबरदस्‍ती से करवाए गए हस्‍ताक्षर के बारे में जरुर अवगत करवाएं। वो ही आपको सही रास्‍ता बताएंगे।

प्रपत्र-सी को भरते समय व्‍यक्तिगत जानकारी भरते हुए सावधानी बरतें। यह सबकी अलग-अलग होती है।

प्रपत्र-सी की हिंदी में कापी चाहिए हो तो जागरण के साथियों से संपर्क करें।


श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम 1955 (हिंदी-अंग्रेजी) में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/wdKXsB

मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें हिंदी में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/8fOiVD

प्रपत्र-C (Form C) को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/GwUi7z

झारखंड श्रमायुक्‍त, रांची के विज्ञापन को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/z7MN3U


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हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-8B, …जाने अमर उजाला का ग्रेड




2010 - 407 करोड़ रुपये
2011 - 477 करोड़ रुपये
2012 - 526 करोड़ रुपये
2013 - 544 करोड़ रुपये
2014 - 640 करोड़ रुपये

साथियों, उपरोक्‍त आंकड़े देखकर आप समझ सकते हैं कि अमर उजाला कौन से ग्रेड का समाचारपत्र है। यह आंकड़े उस रिपोर्ट के हैं जो अमर उजाला ने सेबी को शेयर बाजार में सूचीबद्व होने के लिए जमा करवाए थे। आप अमर उजाला की वित्‍तीय रिपोर्ट सेबी से या आरटीआइ (RTI) के माध्‍यम से एमसीए (Ministry Of Corporate Affairs website-  http://www.mca.gov.in/) और इनकम टैक्‍स विभाग से भी मांग सकते हैं।

साथियों, अमर उजाला ही क्‍या किसी भी समाचारपत्र या पत्रिका का मजीठिया वेजबोर्ड लागू करने की प्रक्रिया में अपनी यूनिटों को अलग-अलग दर्शाना 1955 के अधिनियम की धारा 2(घ) का उल्‍लंघन है।

श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम 1955 (हिंदी-अंग्रेजी) में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/wdKXsB

मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें हिंदी में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/8fOiVD

(यह आंकड़े हमें उपलब्‍ध करवाएं हैं हिमाचल प्रदेश से रविंद्र अग्रवाल जी ने। आप इनसे इस मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं 9816103265, इनका मेल आईडी है ravi76agg@gmail.com )

(जागरण, भास्‍कर और अमर उजाला के अलावा अन्‍य संस्‍थानों में कार्यरत साथी निराश नहीं हो। यदि उन्‍हें अपने संस्‍थान के ग्रेड के बारे में जानकारी चाहिए तो पीटीआई यूनियन के पदाधिकारी श्री एमएस यादव जी से संपर्क करें। यादव जी की मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें लागू करवाने से लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस जितवाने तक महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। इनके पास आपके संस्‍थान के ग्रेड के बारे में पूरी जानकारी उपलब्‍ध होगी। पीटीआई में ही वेतनमान को लेकर सही मानक इस्‍तेमाल किए गए हैं। इनसे आप बेहिचक संपर्क कर सकते हैं।
M S Yadav ji (PTI) – 09810263560 , msyadav@pti.in)

यदि हमसे कहीं गणना या तथ्यों में गलती रह गई हो तो सूचित अवश्य करें। (patrakarkiawaaz@gmail.com)


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Saturday, 25 July 2015

हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-8A, 44 महीने की नौकरी, एरियर 15 लाख



1.
संस्थानः A Grade/City'X'
पद: मुख्‍य उपसंपादक, पेज डिजाईनर आदि (अनुबंध कर्मी या स्‍थायी कर्मी)
date of joining 01-Nov 2011
भर्ती के समय वेतन - 18,680 (ग्रॉस सैलरी)
जून 2015 में वेतन - 26,520 (ग्रॉस सैलरी)
मजीठिया वेजबोर्ड लागू होने पर
November 2011
Basic = 19,000
Gross Salary = 50,178
June 2015
Basic = 21,373
Gross Salary = 67,324
Arrears from November 11, 2011 to June 31, 2015
Net Payable = 14,23,227
PF Diff = 97,937
Gross Arrears Payable = 15,21,164
उपरोक्‍त एरियर में रात्रि भत्‍ता भी शामिल है।

2.
पद- कनिष्‍ठ उप संपादक, आदि
संस्थानः A Grade/City'X'
30 महीने की नौकरी में 6 लाख रुपये एरियर। इसमें रात्रि भत्‍ता शामिल नहीं है। (पिछले एक साल से एक अन्‍य समाचारपत्र में कार्यरत, यदि ये आज पुराने समाचारपत्र में ही होते तो इनका मजीठिया के अनुसार वेतनमान लगभग 45 हजार रुपये तक पहुंच जाता है।)

3.
सहायक लेखाकार (Assistant Accountant)/Chief cashier etc.
संस्थानः A Grade/City'Y'
इनका मात्र 44 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर 10 लाख रुपये का एरियर बन रहा है। इस विभाग की ड्यूटी दिन में होती है इसलिए एरियर में रात्रि भत्‍ते की राशि नहीं जुड़ी हुई। मजीठिया के अनुसार जून 2015 की ग्रॉस सैलरी 41,627 रुपये हो जाएगी।

इसी तरह ग्रेड ए सिटी वाई श्रेणी में कार्यरत ड्राइवर और चपरासी यदि आज की डेट में वेतन के रुप में 8,500 रुपये पा रहे होंगे तो उनका एरियर रात्रि भत्‍ते समेत क्रमश: 9 लाख और 8 लाख रुपये होगा। यह नवंबर 2011 में भर्ती साथियों का एरियर है।


इसी तरह इतने ही वेतन में कार्यरत जेड श्रेणी के शहर में कायर्रत ड्राइवर और चपरासी का एरियर रात्रि भत्‍ते समेत क्रमश: 8 लाख और 7.3 लाख रुपये होगा। यह नवंबर 2011 में भर्ती साथियों का एरियर है।

इसी तरह 11 हजार के वेतन में कार्यरत जेड श्रेणी के शहर में कायर्रत फैक्‍ट्री कर्मियों में समूह चार (कन्‍वेयर स्‍ट्रीकेट मशीन-मैन, मिस्‍त्री, पेस्‍ट अप मैन, प्‍लम्‍बर आदि को) के साथियों का एरियर रात्रि भत्‍ते समेत लगभग 7.3 लाख रुपये होगा। यह नवंबर 2011 में भर्ती साथियों का एरियर है।

साथियों यह एरियर की राशि को यहां दर्शाने का एकमात्र उद्देश्‍य यह ही है कि अभी तक जो साथी इस गलफत में थे कि हमें तो इस संस्‍थान में आए हुए मात्र तीन-चार साल ही हुए हैं तो हमारा एरियर बनेगा ही कितना या हमारे नए वेतनमान में क्‍या अंतर आएगा। इसलिए हम मजीठिया के बारे में क्‍यों सोचें। यह ही हाल नवंबर 2011 के बाद दो-तीन साल के लिए किसी समाचारपत्र में कार्य करने के बाद इस्‍तीफा देकर किसी अन्‍य समाचारपत्र में चले गए साथियों की सोच में हैं। कुछ साथियों की सोच में यह भी है कि छोड़ो यार एरियर में क्‍या रखा है मैं अब नई जगह नौकरी कर रहा हूं। कहीं पुराना संस्‍थान मेरी नई नौकरी में अंगड़ा न डाल दें। साथियों इस सोच से बाहर आओ देखो आपके ही बहुत से साथी नए संस्‍थान में काम कर रहे हैं और साथ में पुराने संस्‍थान से मजीठिया के अनुसार एरियर मांगने  के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, जिला कोर्ट या जिला श्रम कार्यालयों में लड़ाई लड़ रहे हैं। साथियों इस डर से बाहर आओ और अपने हक का लाखों रुपये का एरियर अपने पुराने संस्‍थानों से लेने के लिए जिला श्रम कार्यालयों में प्रपत्र-सी 24 फीसद ब्‍याज की मांग के साथ भरकर दो। और जिन साथियों को संस्‍थान में प्रताड़ित किया गया हो वह इसके लिए हर्जाने का दावा भी पेश कर सकते हैं।


नोट-

1.  प्रपत्र-सी को अनुबंध कर्मी भी भर सकते हैं। उनका और स्‍थायी कर्मियों को मिलना वाला लाभ एक समान ही होगा। इसमें कोई भी अंतर नहीं आएगा। ध्‍यान रखें आप आज की तिथि में जो वेतन प्राप्‍त कर रहे हैं, उससे ज्‍यादा वेतन तो आप दूसरे स्‍थान में भी पा सकते हैं। तो अपना लाखों रुपये का एरियर छोड़ने का कोई तुक ही नहीं बनता। और जब आप एकजुट होकर अपना हक मांगेंगे तो प्रबंधन भी आपको प्रताड़ित करने से पहले चार बार सोचेगा।

2. अंशकालिक प्रतिनिधियों/संवाददातओं या फोटोग्राफरों को मजीठिया वेजबोर्ड के अनुसार स्‍थायी कर्मियों के मूल वेतन के न्‍यूनतम 40 फीसदी भुगतान प्राप्‍त होगा। (अधिक जानकारी के लिए हिंदी में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें देखें पेज नंबर 14 और 41 पर)

3. जिन समाचारत्रपत्र या पत्रिका कोई भी कर्मचारी अभी तक अदालत या श्रम कार्यालय की शरण में नहीं गया है वह भी प्रपत्र-सी को भर सकता है।

4.  दैनिक जागरण, भास्‍कर, उमर उजाला, नवभारत, हिंदुस्‍तान, राजस्‍थान पत्रिका आदि की बेवसाइट पर कार्यरत साथी भी  मजीठिया वेजबोर्ड के लिए प्रपत्र-सी भर सकते हैं।

5. प्रपत्र-3 (Form C) जमा करवाने के बाद श्रम कार्यालय की मोहरहस्‍ताक्षर और तिथि लगी पावती या प्रतिलिपि अवश्‍य लें।  

6. जिन साथियों का कॉमर्स का ज्ञान अच्‍छा है और वे जल्‍द ही अपने एरियर के बारे में जानना चाहते हैं, तो वे इस फाइल को डाउनलोड कर सकते हैं। जिसमें पीटीआई के एक साथी का नवंबर 2011 से जून 2015 तक वेतनमान दिया गया है। इसमें नियमानुसार वेतन की गणना की गई है। इससे अब तक का डीए भी निकल जाएगा। बाकी साथी थोड़ा इंतजार करें।
  

एरियर की गणना कैसी होगी, आपका डीए कैसे निकलेगा इसके लिए जल्‍द ही आपके समक्ष होगा 'हमें क्‍यों चाहिए मजीठिया भाग 10'। इसके साथ ही पीटीआई डीए और पीएफ की गणना में नवभारत टाइम्‍स, टाइम्‍स आफ इंडिया आदि से बेहतर क्‍यों हैं इस भी डालेंगे रोशनी।

7. 1955 अधिनियम की धारा 13 में स्‍पष्‍ट है कि सभी कर्मियों को वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार बनने वाले वेतनमान से किसी भी दशा में कम वेतन नहीं मिलना चाहिए। इसलिए यदि किसी भी संस्‍थान ने आप से जबरदस्‍ती या धोखे से हस्‍ताक्षर करवाएं हैं, तो भी आप प्रपत्र-तीन भरें। यह आपका कानून द्वारा दिया गया हक है। जिस पर समाचारपत्र के मालिक डाका नहीं डाल सकते।
(हिंदी में देखें पेज नंबर 8, jpg फाइल का नंबर act_1955_19.jpg)


श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम 1955 (हिंदी-अंग्रेजी) में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/wdKXsB

मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें हिंदी में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/8fOiVD

प्रपत्र-C (Form C) को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/GwUi7z

झारखंड श्रमायुक्‍त, रांची के विज्ञापन को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें या निम्‍न Path का प्रयोग करें- https://goo.gl/z7MN3U


(जागरण, भास्‍कर और अमर उजाला के अलावा अन्‍य संस्‍थानों में कार्यरत साथी निराश नहीं हो। यदि उन्‍हें अपने संस्‍थान के ग्रेड के बारे में जानकारी चाहिए तो पीटीआई यूनियन के पदाधिकारी श्री एमएस यादव जी से संपर्क करें। यादव जी की मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें लागू करवाने से लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस जितवाने तक महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। इनके पास आपके संस्‍थान के ग्रेड के बारे में पूरी जानकारी उपलब्‍ध होगी। पीटीआई में ही वेतनमान को लेकर सही मानक इस्‍तेमाल किए गए हैं। इनसे आप बेहिचक संपर्क कर सकते हैं। M S Yadav ji (PTI) – 09810263560 , msyadav@pti.in)


साथियों, आपके इसी हक को दिलवाने के लिए वकील परमानंद पांडेय जी और उनकी यूनियन (इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस-आइएफडब्ल्यूजे एवं नेशनल फेडरेशन आफ न्यूज पेपर्स इम्प्लाइज-एनएफएनई) से संबद्व देशभर की सभी यूनियनों के पदाधिकारी आपकी मदद के लिए प्रतिबद्व है। इसके लिए आप परमानंद पांडेय जी 09868553507 से संपर्क कर सकते हैं।


मजीठिया के अनुसार वेतन क्या होना चाहिए, उसकी गणना कैसे होगी... इसकी विस्तृत जानकारी आपको लगातार PatrakarKiAwaaz के फेसबुक (Patrakar Awaaz), ट्विटर (@PatrakarKiAwaaz) और ब्लाग (http://patrakarkiawaaz.blogspot.in/) के अलावा भड़ास4मीडिया, जनसत्ता, समाचार4मीडिया आदि द्वारा भी मिलती रहेगी।
आप हमसे इस मेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं। patrakarkiawaaz@gmail.com

अंत में आपसे अनुरोध है कि जो साथी दूसरी भाषाओं को जानते हैं वे इस पूरे मैटर को पंजाबी, उर्दू, बंगाली, मलयालम आदि अन्य भाषाओं में अनुवाद कर सोशल मीडिया और whatsapp के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा साथियों तक इस मैसेज को पहुंचाएं। जिससे पूरे देश के लाखों पत्रकार और गैर पत्रकार साथी मजीठिया के अनुसार अपने नए वेतनमान और एरियर के बारे में जान सके और अपने हक के लिए आगे आ सकें।

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