Wednesday, 18 November 2015

हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-16B: एरियर के साथ अंतरिम राहत का भी करें क्‍लेम

हममें से कई साथियों ने मजीठिया वेतनमान के अनुसार अपने एरियर के क्‍लेम उप श्रम आयुक्‍त या संबंधित अदालतों में लगा दिए हैं या लगाने जा रहे हैं। साथियों एरियर का क्‍लेम बनाते हुए आप अंतरिम राहत (30 प्रतिशत) को जोड़ना ना भूलें।
अंतरिम राहत 1 जनवरी 2008 से 10 नवंबर 2011 तक के कार्यकाल पर लागू होंगी। अंतरिम राहत की राशि पर आप 24 प्रतिशत तक का साधारण या सालाना चक्रवृद्वि ब्‍याज मांग सकते हैं। इसके अलावा चक्रवृद्वि ब्‍याज दर की गणना प्रतिदिन या महीने के अनुसार भी की जा सकती है।

कौन हैं हकदार

1.   जिन संस्‍थानों में मजीठिया लागू नहीं किया गया और अंतरिम राहत भी नहीं दी गई।

2.   जिन संस्‍थानों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मजीठिया वेतनमान तो लागू कर दिया, परंतु वेजबोर्ड लागू करने से पहले अंतरिम राहत नहीं दी थी।


इस पर अधिक जानकारी के लिए आप वकील श्री परमानंद पांडेय जी और श्री आरपी यादव जी से भी संपर्क कर सकते हैं-

Advocate Parmanand Pandey ji  - 09868553507
Off: 011-23418871 (3.00 PM to 7.00 PM/Sunday Close)
parmanand.pandey@gmail.com
parmanandpandey@yahoo.com
ifwj.media@gmail.com

RP Yadav ji (ifwj) - 09810623949
rpyadav56@gmail.com


31 दिसंबर 2010 को समाचार एजेंसी भाषा द्वारा जारी किया गया समाचार-

पत्रकारों के वेतन में 65 फीसदी वृद्धि की सिफारिश
नई दिल्ली। पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड ने अखबारी और एजेंसी कर्मियों के लिए 65 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि की सिफारिश की है तथा साथ में मूल वेतन का 40 प्रतिशत तक आवास भत्ता और 20 प्रतिशत तक परिवहन भत्ता देने का सुझाव दिया है।

न्यायमूर्ति जी आर मजीठिया के नेतृत्व वाले वेतन बोर्ड ने शुक्रवार को यह भी सिफारिश की कि नए वेतनमान जनवरी 2008 से लागू किए जाएं। बोर्ड ने पहले ही मूल वेतन का 30 प्रतिशत अंतरिम राहत राशि के रूप में देने का ऐलान कर दिया था। मजीठिया ने केंद्रीय श्रम सचिव पी के चतुर्वेदी को रिपोर्ट सौंपी। चतुर्वेदी ने आश्वासन दिया कि सरकार इस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद इसे जल्द से जल्द लागू कराने का प्रयास करेगी। बोर्ड ने 35 प्रतिशत वैरिएबल पे देने की सिफारिश की है। समाचार पत्र उद्योग के इतिहास में किसी वेतन बोर्ड ने इस तरह की सिफारिश पहली बार की है।

मजीठिया वेतन बोर्ड ने पत्रकारों और अन्य अखबारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु बढ़ाकर 65 साल करने, महंगाई भत्ते के मूल वेतन में शत प्रतिशत न्यूट्रलाइजेशन और विवादों के निपटारे के लिए स्थायी न्यायाधिकरण बनाने की सिफारिश की है। न्यायमूर्ति मजीठिया ने संवाददाताओं से कहा कि इस बार की रिपोर्ट में सबसे निचले ग्रेड के लिए भी अच्छे वेतन की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि नए फार्मूले के अनुसार पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारियों का मूल वेतन उसके वर्तमान मूल वेतन और डीए में, 30 प्रतिशत अंतरिम राहत राशि और 35 प्रतिशत वैरिएबल पे को जोडकर तय किया गया है। महंगाई भत्ता मूल वेतन में शत प्रतिशत 'न्यूट्रलाइजेशन' के साथ जुड़ेगा। ऐसा अब तक केवल सरकारी कर्मचारियों के मामले में होता आया है।

वेतन बोर्ड ने 60 करोड़ रुपये या इससे अधिक के सकल राजस्व वाली समाचार एजेंसियों को शीर्ष श्रेणी वाले समाचार पत्रों के साथ रखा है। इस प्रकार समाचार एजेंसी पीटीआई शीर्ष श्रेणी में जबकि यूएनआई दूसरी श्रेणी में रखी गई है। मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार आवास भत्ता एक्स श्रेणी के शहरों के लिए मूल वेतन का 40 प्रतिशत होगा, जो दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूर, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कानपुर, लखनऊ और नागपुर पर लागू होगा। वाई श्रेणी के शहरों के लिए यह मूल वेतन का 30 प्रतिशत होगा। वाई श्रेणी के शहरों में आगरा, अजमेर, अलीगढ़, इलाहाबाद, अमृतसर, बरेली, बीकानेर, भोपाल, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, दुर्गापुर, गुवाहाटी, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जमशेदपुर, कोच्चि, कोटा, मदुरै, मेरठ, पटना, पुणे, रायपुर, राजकोट, रांची, श्रीनगर, सूरत, तिरूवनंतपुरम, बड़ोदरा, वाराणसी, विशाखापट्टनम, मंगलौर, पुडुचेरी, धनबाद, देहरादून, जम्मू, जामनगर आदि शामिल हैं। शेष अन्य शहरों को जेड श्रेणी में रखा गया है, जहां के कर्मचारियों को एचआरए मूल वेतन का 20 प्रतिशत मिलेगा।

वेतन बोर्ड ने वार्षिक वेतन बढ़ोतरी की दर पहली से चौथी श्रेणी के लिए छह प्रतिशत, पांचवीं और छठीं के लिए पांच प्रतिशत, सात से नौ के लिए चार, दस से 11 के लिए तीन प्रतिशत तय की है। मजीठिया बोर्ड ने जनवरी 2008 में अंतरिम राहत घोषित की थी और इसी तारीख से कर्मियों को एरियर मिल सकेगा। इसके अलावा बोर्ड ने एक्स श्रेणी के शहरों के लिए 20 प्रतिशत परिवहन भत्ता, वाई श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत और जेड श्रेणी के लिए पांच प्रतिशत परिवहन भत्ता देने की सिफारिश की है।

बोर्ड ने रात्रि भत्तों में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए सौ रुपये, तीसरी और चौथी के लिए 75 रुपये तथा पांचवीं से 11श्रेणी के लिए 50 रुपये तय कर दिया है। इसके अलावा 1000 रुपये मासिक 'कठिनाई भत्ता' निर्धारित किया है। एलटीए दो साल में एक बार मिलेगा और मूल वेतन के बराबर होगा। बोर्ड ने मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए 1000 रुपये मासिक, तीसरी और चौथी श्रेणी के लिए 500 रुपये मासिक किया है। जिन लोगों पर ईएसआई लागू है, वे ये भत्ता हासिल नहीं कर सकेंगे। बोर्ड ने एरियर का भुगतान तीन समान किस्तों में करने की सिफारिश की है।

इस बीच कांफेडरेशन आफ न्यूजपेपर एंड न्यूजएजेंसी इम्प्लाइज आर्गेनाइजेशन्स के महासचिव एम एस यादव ने कहा कि वेतन बोर्ड अध्यक्ष ने श्रमजीवी पत्रकार एवं अन्य कर्मचारी कानून में प्रदत्त अधिकारों से वंचित रखते हुए बोर्ड सदस्यों को कई महत्वपूर्ण मसलों पर वोटिंग नहीं करने दिया लेकिन 'इस बात की खुशी है कि कई महत्वपूर्ण मांगों पर बोर्ड ने सकारात्मक फैसला लिया है और दीर्घकाल में इससे कर्मचारियों को फायदा होगा। रिटायरमेंट आयु बढ़ाना, वैरिएबल पे और परिवहन भत्ता इनमें से एक है।' कान्फेडरेशन में शामिल इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश अखौरी, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स-आई के वरिष्ठ नेता डॉ. नंद किशोर त्रिखा, आल इंडिया न्यूजपेपर इम्प्लाइज फेडरेशन के महासचिव मदन तलवार, फेडरेशन आफ पीटीआई इम्प्लाइज यूनियन्स के अध्यक्ष जान सी गोन्जाल्विस, यूएनआई वर्कर्स यूनियन के नेता एम एल जोशी ने वेतन बोर्ड को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी।


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Sunday, 25 October 2015

हमें क्यों चाहिए मजीठिया भाग-16ए: जानिए नया डीए, इन बातों का रखें ध्‍यान

साथियों, मजीठिया के अनुसार जुलाई 2015 से दिसंबर 2015 तक का नया डीए 87/167 है। इससे पहले जनवरी 2015 से जून 2015 तक का डीए 80/167 था। सभी ग्रेड के समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में डीए की गणना एक सी होती है। डीए के इस 7 अंक के अंतर से आपके वेतन पर क्‍या फर्क पड़ता है यह हम आपको निम्‍न उदाहरण से बता रहे हैं।

जून 2015
Basic - 20,000 रुपये
DA - 12,934
PF - 4,792
Gross Salary Rs. 61,826

जुलाई 2015
Basic - 20,000 रुपये
DA - 14,066
PF - 4,928
Gross Salary Rs. 63,094

अंतर पड़ा
DA में 1132
PF में 136 रुपये (इसमें कंपनी का PF मिलाकर यह राशि 272 रुपये हो जाएगी।)
Gross Salary में Rs. 1,268

(उपरोक्‍त उदाहरण ग्रेड ए और बी के समाचार-पत्रों का। इसमें हमने VA, HRA, TRA, MED और Night Allowance नहीं दर्शाया है, इसको देखने के लिए फाइल new_da.jpg देखें।)



साथियों, आप इन छोटी-छोटी बातों का भी ध्‍यान रखें, ज्‍यादातर साथी इन मामलों में अति लापरवाह होते हैं और इनको संभाल कर नहीं रखते।

1. सैलरी स्लिप और बैंक स्‍टेटमेंट को संभाल कर रखें।

2. यदि आपको सैलरी स्लिप नहीं मिलती है और वेतन के रुप में चैक मिलता है तो उसकी फोटो कापी करवा कर उसे संभाल कर रखें।

3. वेतन से संबंधित अन्‍य कोई भी दस्‍तावेज।

4. Appointment Letter या ऐसे दस्‍तावेज जो आपको कंपनी का कर्मचारी साबित करते हैं।

5. समय-समय पर होने वाली वेतन बढ़ोतरी या पदो‍न्‍नति से संबंधित दस्‍तावेज।

6. सैलरी स्लिप पर दिखने वाले वेतन के अलावा मिलने वाले लाभ से संबंधित अन्‍य दस्‍तावेज।

7. इनके अलावा भी यदि कोई अन्‍य दस्‍तावेज, जैसे ओवर टाइम, EL encashment आदि से संबंधित।

साथियों हम आपको इसके बारे में इसलिए सावधान कर रहे हैं, क्‍योंकि जब भी आपके यहां मजीठिया लागू होगा, तब यह आपके बेहद काम आएंगे। वो इसलिए की ज्‍यादतर समाचार-पत्र और पत्रिकाएं चोर रास्‍ते से कहां आपके लाभों पर सेंध लगा देंगी यह आपको पता भी नहीं चलेगा। यदि आपके पास अपने पूरे दस्‍तावेज होंगे तो यह उस वक्‍त बेहद काम आएंगे।

नोट-

1. भाग-17 में हम ग्रेड सी और डी में कार्यरत साथियों को नया वेतनमान और एरियर निकालना सिखाएंगे। जिसमें नवंबर 2011 से अक्‍टूबर 2015 तक एरियर होगा।

2. साथियों, हम आपसे एक बार फि‍र से अनुरोध करते हैं कि कंपनियों के दबाव में आकर किसी भी दस्‍तावेज पर हस्‍ताक्षर नहीं करिए, विशेषतौर पर ब्‍लैंक दस्‍तावेजों पर। कोई भी कंपनी आपको कितना भी तंग कर लें, परंतु मजीठिया वेजबोर्ड के लाभों से वंचित नहीं कर सकती।

3. हम जल्‍द ही ARI के बारे में भी बताएंगे की यह कैसे आपके वेतन में अंतर पैदा करता है और मजीठिया लागू होने के बाद कैसे बॉस के पूर्वाग्रह भी आपको न्‍यूनतम लाभ प्राप्‍त करने से नहीं रोक सकते।

4. मजीठिया के अनुसार नया वेतनमान और एरियर राशि निकालते वक्‍त बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है, इसमें जरा सी चूक आपको कई हजार या लाख रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है। जहां तक हम समझते हैं कुछ मामलों में छोड़ कर इसको निकलवाने की अभी सभी साथियों को जरुरत नहीं है। जिन साथियों को इसकी आवश्‍यकता है वह इसके लिए पीटीआई, टि्ब्‍यून, नवभारत आदि की यूनियनों से मदद ले सकते हैं। यहां पर मजीठिया वेजबोर्ड लागू है। यहां से आपको निस्‍वार्थ भाव से मदद मिल सकती है।

यदि हमसे कहीं तथ्यों या गणना में गलती रह गई हो तो सूचित अवश्य करें।(patrakarkiawaaz@gmail.com)

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Saturday, 10 October 2015

बिहार के पत्रकार भाइयों वोट को बनाए ताकत, जो दिलवाए मजीठिया, उसका दें साथ

पटना। बिहार के पत्रकार और गैर-पत्रकार साथियों यही वह समय है जब हम अपनी वोट की ताकत का अहसास राज्‍य विधानसभा चुनाव में करवा सकते हैं। केवल हमारे ही नहीं बल्कि हमारे पूरे परिवार के वोटों की संख्‍या की गिनती की जाए तो वे हजारों-लाखों में हैं। ऐसे में यदि हम चाहे तो क्‍या कुछ नहीं कर सकते। बस इसका सही समय पर सही इस्‍तेमाल करके।

चुनाव के समय जिस तरह कई राज्‍यों में कार्यरत बिहार के लोग अपने परिजनों को एक पार्टी विशेष को वोट देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं तो उसी तरह पत्रकार और गैर-पत्रकार भाई क्‍यों नहीं कर सकते। राज्‍य के कई हजार पत्रकार और गैर-पत्रकार साथी देश के विभिन्‍न अखबारों और मीडिया हाउसों में कार्यरत हैं। इसके अलावा राज्‍य में कार्यरत साथियों की संख्‍या भी हजारों में है। एक परिवार में कम से कम 5 वोट हों तो आप खुद जान सकते हैं कि यह संख्‍याबल कितना हो जाएगा। यह संख्‍याबल किसी भी पार्टी के वोट प्रतिशत को प्र‍भावित तो कर ही सकता है।

साथियों, चुनाव के दौरान पूंजीपति अपने फायदे के लिए राजनीतिक पार्टियों पर नोटों की बारिश कर देते हैं। परंतु जहां की जनता जागरुक होती है वहां 'नोट' पर 'वोट' भारी पड़ जाता है अर्थात् चुनाव 'नोट' नहीं 'वोट' जीतवाता है। मजीठिया वेतनमान की चाह रखने वाले साथियों, राज्‍य में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अपने और अपने परिजनों के वोट का सही इस्‍तेमाल करें। इसके बाद संभव हो तो अगले चरणों के दौरान पत्रकार यूनियनों के साथ या समूह बनाकर राज्‍य के बड़े-बड़े नेताओं से मिलें और उनसे मजीठिया पर उनका स्‍पष्‍ट रुख पूछे। जो इसपर ना-नुकर करें तो उसे अपने वोट और कलम की ताकत का अहसास करवा दें।

दैनिक जागरण के कर्मियों को दें नैतिक समर्थन