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आओ मिलकर लड़े मजीठिया की लड़ाई
Tuesday, 26 May 2026
मजीठिया पर बड़ी खबर: इस साथी को मिले 24 लाख, दिल्ली HC ने RRC को माना सही
Monday, 2 March 2026
पानीपत रिफायनरी के हड़ताली मजदूरों के संग आई कर्मचारी यूनियनें, सौंपा ज्ञापन
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गुरुग्राम, 2 मार्च। सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू), सर्व कर्मचारी संघ, जनवादी महिला समिति, ज्ञान विज्ञान समिति और आल इंडिया लायर्स यूनियन ने राज्य कमेटी के आह्वान पर तेल शोधक कारखाना/ रिफायनरी/ पानीपत में चल रही पिछले एक सप्ताह से हड़ताल के समर्थन में उनकी मांगों को लेकर तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई की हड़ताल के मद्देनजर मजदूरों की तमाम मांगों का समाधान किया जाए।
मिनिमम वेज लागू किया जाए, काम के 8 घंटे निश्चित किए जाएं, वेतन बढ़ोतरी, सेवा सुरक्षा, कार्यस्थल पर सभी प्रबंध जैसे विश्रामगृह, शौचालय, पीने के पानी का प्रबंध, उत्पीड़न की कार्यवाहियां बंद किए जाने, मजदूरों को इंसान की श्रेणी में माना जाए, रिफाइनरी से निकाले गए तमाम मजदूरों को वापस नौकरी पर लेना, गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों पर से झूठे मुकदमे वापस लेकर रिहा किया जाए आदि मांगों को लेकर हड़ताली मजदूरों के साथ एकजुटता प्रकट की गई। जिसमें सीटू जिला प्रधान सुरेश नौहरा, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान बसंत कुमार, जनवादी महिला समिति से उषा सरोहा, ज्ञान विज्ञान समिति से ईश्वर नास्तिक, आल इंडिया लायर्स यूनियन के जिला प्रधान राजेंद्र पाठक, सचिव विनोद भारद्वाज और गुरजिंदर सिंह ने भाग लिया।
Sunday, 1 February 2026
पत्रकारों की समस्याओं से श्रम मंत्री को अवगत कराएंगे सांसद अरुण गोविल
न्यूज पेपर एम्प्लाइज यूनियन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
सिनेमा से संसद तक पहुंचे अरुण गोविल न केवल अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं, बल्कि अपने स्वभाव एवं व्यवहार से साबित किया है कि वह आज भी अपनों से अलग नहीं हैं। इसकी बानगी हाल में तब मिली; जब लोक सभा में अरुण गोविल ने सिनेमा जगत के उन कर्मचारियों-तकनीशियनों का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया, जिनके काम करने की अवधि से लेकर उनकी मजदूरी के भुगतान तक- कुछ भी सुनिश्चित नहीं है!
मेरठ के सांसद अरुण गोविल के इस सहयोग हेतु आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से मुंबई स्थित ‘सिंटा' हाउस में उनका सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह का आयोजन फिल्मी दुनिया की 32 प्रमुख यूनियनों का नेतृत्व करने वाले महासंघ ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्प्लॉईज' (FWICE) ने किया था, जिसके अध्यक्ष वी. एन. तिवारी संग ‘सिंटा' (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) की प्रेसीडेंट एवं अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने श्री गोविल के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की- ‘आगे बढ़ने के बाद अवसर मिले तो अपनों के लिए क्या-क्या सकारात्मक किया जा सकता है, इसका सबसे श्रेष्ठ उदाहरण अरुण गोविल जी हैं!' इस अवसर पर ‘सिंटा' की कार्यकारिणी के सदस्य मुकेश ऋषि और फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने कुछ समय पहले ही 29 बिखरे हुए कानूनों को इकट्ठा करते हुए चार नई श्रम संहिताएं लागू की हैं, जिसका उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना और श्रमिकों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इनमें कार्य के घंटे, न्यूनतम वेतन, पीएफ व ग्रेच्युटी के नियमों में बदलाव आदि जैसे प्रावधान शामिल हैं। चूंकि इससे ठीक पहले ही श्री गोविल ने लोक सभा में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े श्रमिकों-तकनीशियनों की व्यथा संबंधी मुद्दा बड़ी प्रमुखता से उठाया था; इसीलिए फेडरेशन ने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। यहां ‘सिंटा' की जनरल सेक्रेटरी व अभिनेत्री उपासना सिंह ने सांसद का ध्यान इस समस्या की तरफ आकृष्ट किया कि हमारे जूनियर कलाकारों का भुगतान तीन-तीन महीने बाद किया जाता है, जिसके चलते उन्हें खुद का भी जीवनयापन करना दुश्वार हो जाता है!
इस मौके पर पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि कानून तो पहले भी पर्याप्त थे, नई संहिताओं को सरकार लागू कैसे करवाएगी? अभिनेता-सांसद अरुण गोविल ने सभी को आश्वस्त किया- ‘आप निश्चिंत रहिए... सम्पूर्ण भारतवर्ष देख रहा है कि जमीन पर अब काम हो रहा है। यह मोदी सरकार द्वारा लाई गई संहिताएं हैं, जो सिर्फ़ कानून नहीं बनाती, अपितु उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करवाने के लिए भी जानी जाती है।'
अखबारों के कर्मचारियों के राष्ट्रीय संगठन ‘न्यूजपेपर इम्प्लॉईज यूनियन ऑफ इंडिया' (NEUIndia) के अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने जब यह बताया कि नई श्रम संहिताओं में आप लोगों ने ‘वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट- 1955' को कमजोर किया है, तब अरुण गोविल ने बड़ी ईमानदारी से स्वीकार किया- ‘मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है... आप एक रिप्रजेंटेशन दे देंगे तो जरूर देखूंगा कि मैं इसके लिए क्या कर सकता हूं।' तत्पश्चात श्री सिंह सहित इस यूनियन के उपाध्यक्ष शशिकांत सिंह और कोषाध्यक्ष ताराचंद राय ने श्री गोविल को जब संबंधित ज्ञापन दिया, तब भी सांसद ने आश्वस्त किया कि यूनियन के सुझावों को वह केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के समक्ष पहुंचाने का काम करेंगे।
शशिकांत सिंह
उपाध्यक्ष
न्यूज पेपर एम्प्लाइज यूनियन ऑफ इंडिया
Monday, 19 May 2025
मजीठिया पर बड़ी खबरः HC के आदेश के बाद गीता रावत व रमा शुक्ला को सहारा ने ज्वाइन करवाया, एक साल का वेतन भी दिया
साथियों, नोएडा से एक बड़ी खबर आ रही है। सहारा मीडिया को दो महिला उप-संपादकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद ज्वाइन करवाना पड़ा। साथ ही कंपनी ने दोनों कर्मियों को एक-एक साल का वेतन भी दिया है। इससे पहले पिछले साल हाईकोर्ट के दिए आदेश के बाद सहारा को दोनों को तीन-तीन लाख के डीडी भी सौंपने पड़े थे, परंतु प्रबंधन ने उस आदेश की पूरी तरह पालना नहीं की थी।
जिसके बाद गीता रावत और रमा शुक्ला ने दोबारा इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी तरफ से इस बार भी वरिष्ठ वकील मनमोहन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 13 मई सुनवाई के दौरान प्रबंधन के यह मानने पर की उसने 3-3 लाख रुपये दोनों याचिकाकर्ताओं को सौंप दिए हैं, परंतु दोनों की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई के बाद अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता 19 मई को सहारा कार्यालय में पहुंच कर ज्वाइनिंग करें।
इसके साथ ही अदालत ने 26 मई की अगली तारीख निर्धारित करते हुए प्रबंधन को इस मामले में हलफनामा भी दायर करने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने प्रबंधन को याचिकार्ताओं के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई ना करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने इसके साथ प्रबंधन को ये भी आदेश दिया कि दोनों याचिकाकर्ताओं को 30 अप्रैल 2024 के अंतरिम आदेश के बाद से अब तक के वेतन का भुगतान किया जाए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों महिला उप संपादक आज सोमवार को सेक्टर 12 स्थित सहारा मीडिया के कार्यालय में पहुंची। प्रबंधन ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार दोनों को एक साल का वेतन देते हुए दोनों को फिर से ज्वाइन करवाया।
मालूम हो कि सहारा मीडिया ने कई कर्मचारियों को अवैध रूप से नौकरी से निकाल दिया था। सहारा के प्रिंट में कार्यरत गीता रावत और रमा शुक्ला भी उन कर्मचारियों में शामिल थीं, जिन्होंने अपने पिछले कई महीनों का बकाया वेतन और मजीठिया वेजबोर्ड को लागू करने की मांग की थी। जिसके बाद इन्होंने नोएडा डीएलसी में अवैध सेवा समाप्ति को लेकर वाद दायर किया था और वहां से केस नोएडा लेबर कोर्ट को रेफर हो गया। लेबर कोर्ट ने 20 अक्टूबर 2023 को दोनों कर्मचारियों को पुरानी सेवा की निरंतरता के साथ पूर्व पूर्ण वेतन व अन्य समस्त हित लाभ समेत अवार्ड प्रकाशन के एक माह के अंदर सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था।
इस अवार्ड के खिलाफ सहारा प्रबंधन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसमें इस अवार्ड को चुनौती दी गई थी और उसपर अमल करवाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। जिसके बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहले प्रबंधन 15 दिन के भीतर गीता रावत और रमा शुक्ला को नौकरी पर बहाल करे और ज्वाइनिंग के समय दोनों को 3-3 लाख रुपये का डीडी दे, इसके बाद स्टे प्रभावी होगा। लेबर कोर्ट में गीता रावत और रमा शुक्ला की तरफ से एआर राजुल गर्ग ने मजबूत तर्क रखे।
Monday, 21 April 2025
बड़ी खबरः मजीठिया क्रांतिकारी जीतेंद्र सिंह को पत्रिका ने दिए साढ़े 21 लाख रुपये
राजस्थान पत्रिका प्रबंधन का जिलाधिकारी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) को 19 अप्रैल 2025 को लिखा पत्र
मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लेकर पत्रकारों द्वारा लड़ी जा रही कानूनी लड़ाई में एक और मीडियाकर्मी को उनके हक का पैसा मिला है। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने अपने कर्मचारी जीतेंद्र सिंह को कुल 21 लाख 46 हजार 945 रुपये अब तक दिए हैं। इस अखबार प्रबंधन ने 10 लाख 46 हजार 945 रुपये एक डिमांड ड्राफ के जरिए 17 अप्रैल 2025 को जितेंद्र को दिए हैं। फिलहाल ये पैसा जीतेंद्र सिंह के खाते मे आ गया है।
खुद राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने जिलाधिकारी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) को 19 अप्रैल 2025 को लिखे एक पत्र में यह जानकारी दी है। इसके पहले जीतेंद्र सिंह को पत्रिका प्रबंधन ने 11 लाख रुपये का भुगतान 14-05-2024 को एक डिमांड ड्राफ्ट के जरिए किया था जो जीतेंद्र सिंह को मिल चुका है। इस बात की जानकारी भी राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने इसी पत्र में दी है।
आपको बता दें की जीतेंद्र ने पत्रिका प्रबंधन के खिलाफ लंबी अदालती लड़ाई लड़ी थी। फिलहाल जीतेंद्र सिंह को हर तरफ से बधाई मिल रही है।
शशिकांत सिंह
पत्रकार और मजीठिया क्रांतिकारी
9322411335
श्रीनारायण तिवारी बनाए गये दैनिक यशोभूमि के संपादक
मुंबई से प्रकाशित लोकप्रिय हिंदी दैनिक यशोभूमि के कार्यकारी संपादक श्रीनारायण तिवारी को प्रमोशन देकर इसी समाचार पत्र का नया संपादक बनाया गया है जिससे उनके चाहने वालों मे खुशी की लहर है।
डॉ. रामनोहर त्रिपाठी पत्रकारिता पुरस्कार तथा अन्य कई पुरस्कारों से सम्मानित श्रीनारायण तिवारी ने लोकप्रिय दैनिक जनसत्ता और संझा जनसत्ता में मुख्य संवाददाता, लोकमत समाचार और लोकमत तथा लोकमत टाइम्स में विशेष संवाददाता एवं दबंग दुनिया, एब्सलूट इंडिया, पूर्व विराम और दैनिक जागरुक टाइम्स में भी कार्यकारी संपादक के रूप में कार्य किया। उन्हें खबरों में तीखी धार और समाचार पत्र में नए कलेवर के लिए जाना जाता है, जो आज भी दैनिक यशोभूमि समाचार पत्र में दिखाई देता है।
Wednesday, 9 April 2025
धर्मेन्द्र प्रताप सिंह से फिर हारा ‘दैनिक भास्कर'
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